
一 | संवाद सहयोगी, भागलपुर। Bihar Flood ALERT उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में हो रही लगातार बारिश का प्रभाव बिहार में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। प्रयागराज और वाराणसी में गंगा का जलस्तर अचानक रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी के बाद अब भागलपुर में भी राइजिंग मोड में है। गुरुवार को यहां गंगा में 20 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई।,जल संसाधन विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले पांच दिनों में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। दो दिन पहले प्रयागराज में गंगा का जलस्तर ढाई मीटर और वाराणसी में करीब डेढ़ मीटर बढ़ा। इस अचानक हुई वृद्धि से राज्य सरकार की चिंता बढ़ गई है। सभी संबंधित जिलों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है।,जल संसाधन विभाग ने बक्सर से भागलपुर तक तटबंधों की विशेष निगरानी करने का निर्देश दिया है। कार्यपालक अभियंता आदित्य प्रकाश ने बताया कि इलाहाबाद से फरक्का तक गंगा पूरी तरह राइजिंग मोड में है। अभियंता लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। कटिहार स्थित बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण मुख्य अभियंता कार्यालय ने बताया कि गोपालपुर प्रखंड के इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध और सबौर प्रखंड के चांयचक क्षेत्र पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।,गंगा के दबाव को देखते हुए फरक्का बैराज के कुल 109 गेट में से 107 गेट खोल दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गंगा भागलपुर में खतरे के निशान से ऊपर भी जाती है, तो पानी अधिक समय तक नहीं ठहरेगा। तेज बहाव के कारण जलस्तर जल्द नीचे आ जाएगा।,28 अगस्त, सुबह 8 बजे की स्थिति के अनुसार, गंगा का अधिकतम उच्चतर स्तर 34.86 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 33.68 मीटर है। 27 अगस्त को जलस्तर 32.80 मीटर था, जो 28 अगस्त को बढ़कर 33.05 मीटर हो गया।,
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। आने वाले कई दिनों तक जलस्तर बढ़ने की संभावना है। भागलपुर में फिर एक बार बाढ़ का संकट खड़ा हो सकता है।— आदित्य प्रकाश, कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग, भागलपुर。 राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ का संकल्प अब धरातल पर उतरने लगा है। जिला पौड़ी गढ़वाल के कोट ब्लाक की महिलाओं ने लिलियम फूलों की खेती से आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तीकरण की नई कहानी गढ़ी है। खेतों में खिले इन फूलों की खुशबू अब मातृशक्ति के जीवन में भी समृद्धि और आत्मविश्वास की नई महक घोल रही है।,उद्यान विभाग, ग्रामोत्थान परियोजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन (एनएचएलएम) के संयुक्त प्रयासों से कोट ब्लाक में कुल 22 पालीहाउस बनाए गए हैं। इनमें पहले चरण में आठ पाली हाउसों में महिला समूहों द्वारा हालैंड से आयातित ओरिएंटल और डासिंग स्टार किस्म के बल्ब लगाए गए हैं।,सरकार ने महिलाओं को जिला योजना से 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया है। इसके साथ ही उत्पादन से विपणन तक हर स्तर पर सहयोग और बाजार उपलब्ध कराने की गारंटी भी दी जा रही है। लिलियम फूलों की बाजार दर ए-ग्रेड के लिए 80 रुपये, बी-ग्रेड के लिए 70 रुपये और सी-ग्रेड के लिए 60 रुपये तय की गई है।,इससे यहां की महिलाएं प्रति वर्ष लगभग 10 लाख रुपये तक की आय का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही हैं। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही स्वरोजगार का बड़ा माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ही राज्य की असली ताकत है।,उन्होंने कहा कोट ब्लाक की महिलाओं ने सिद्ध कर दिया है कि संकल्प और परिश्रम से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। यह केवल फूलों की खेती नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और महिला सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल है। हमारी सरकार हर बेटी और हर महिला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि सरकार के महिला सशक्तिकरण, नवाचार आधारित खेती और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के विज़न को भी नई दिशा दे रही है।,
‘हमारा संकल्प है कि उत्तराखंड की हर बेटी और हर महिला अपने सपनों को पंख दे सके। आज पौड़ी की धरती से जो खुशबू उठ रही है, वही कल पूरे प्रदेश की पहचान बनेगी।’ - पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री。
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Published on:16:57:17